*भाजपा की हैट्रिक निश्चित देख, कांग्रेसी हार का नया बहाना है एसआईआर : भट्ट*
*कांग्रेस के पास घेराव और शिकायती ज्ञापन का समय, मतदाताओं की मदद का नहीं : भट्ट*
*घुसपैठियों एवं अवैध वोटरों को बनाए रखने की आखिरी कोशिश है कांग्रेसी प्रदर्शन : भट्ट*
देहरादून 24 सितम्बर। भाजपा ने एसआईआर में नाम काटे जाने के झूठे आरोपों को कांग्रेस की हार का स्पष्ट संकेत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने तंज कसा कि कांग्रेस के पास आधा दर्जन भर घेराव और दर्जन भर ज्ञापन देने का समय तो है, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के सहयोग का नहीं। क्यूंकि कांग्रेस की असल मंशा संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और झूठ अफवाह की राजनीति को आगे बढ़ना है। लगातार दो चुनावों में ईवीएम को हार का बहाना बताने वाली कांग्रेस का नया बहाना है एसआईआर।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए राहुल कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के घेराव पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है। वहीं आयोग में परस्पर आपत्तियों को लेकर सामने आई खबरों को आधा सच बताते हुए इसे सिरे से खारिज किया है। जो आधी बात की चर्चा की जा रही है वह तो लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ प्रक्रिया का हिस्सा होता है। सर्वविदित है कि चुनाव आयोग में कोई भी निर्णय तीनों आयुक्तों में सहमति या बहुमत होता है। ऐसे में उससे पूर्व आपसी विचारों का आदान-प्रदान और चर्चा होना किसी अंदरूनी कलह का नहीं, बल्कि एक मजबूत लोकतंत्र की निशानी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी कमिश्नर बिना किसी चर्चा के हर बात पर सहमत हो जाएं, तो विपक्षी दल इसे तानाशाही करार देंगे।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस द्वारा एसआईआर में वोट कटने के आरोपों को रट्टा रटाया झूठ एवं चुनावों में कांग्रेस की अवश्यंभावित हार का खौफ बताया है। वहीं आईना दिखाते हुए कहा कि जिस वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस बंगाल का जिक्र करती है वहां जिन सीटों पर सबसे अधिक वोट कटें, उनमें अधिकांश पर तो टीएमसी एवं कांग्रेस जीती है। लिहाजा कांग्रेस के ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद एवं झूठे हैं जिनका जवाब जनता बिहार, आसाम, बंगाल कई राज्यों में भाजपा को जितवाकर दे चुके हैं।
वहीं उन्होंने तंज कसा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता लंबे समय से एसआईआर जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर झूठ एवं भ्रम फैला रही है। इससे पूर्व ईवीएम को लेकर कई चुनावों में अफवाह फैलाई गई। हैरानी है कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति तक भारतीय चुनाव प्रक्रिया की तारीफ कर अपने यहां यही व्यवस्था लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस नेताओं के बार बार आयोगों एवं अन्य कार्यालयों में शिकायतों की चिट्ठी देकर फोटो खिंचवाने का समय है। आधा दर्जन से अधिक बार तो कांग्रेस राजभवन, सचिवालय, चुनाव आयोग का घेराव कर चुकी है, और तो और बिना समय लिए, दिल्ली केंद्रीय चुनाव आयोग के दरवाजे पर धरने का समय है। लेकिन अफसोस उनके पास मतदाताओं के पास जाकर, उनकी एसआईआर प्रक्रिया में मदद करने का समय नहीं है। क्यूंकि वे भी जानते है कि इस प्रक्रिया से घुसपैठियों एवं अवैध वोटरों के नाम हट रहे हैं और एक भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा, दरअसल सच यह है कि एसआईआर के बाद भाजपा के पक्ष में आए चुनावी परिणामों से कांग्रेस पूरी तरह डरी हुई है। यही वजह है कि विकास एवं जनकल्याण के मुद्दों पर प्रदेश में भाजपा की सुनिश्चित हैट्रिक, कांग्रेस को भी अब स्पष्ट नजर आ रही है। यही वजह है कि इस बार वे एसआईआर को चुनाव में हार का नया बहाना बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।










