**सभी राज्यों से लेफ्ट हुई लेफ्ट पार्टियां से संजीवनी लेना चाहते हैं हरदा : विनोद चमोली
*अप्रासंगिक हुए नेताओं, पार्टियों को विकास की सच्चाई स्वीकारना चाहिए: चमोली
देहरादून 6 मई। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत की इंडी गठबंधन बैठक को हाशिए पर आए नेताओं और दलों के चर्चा में आने की नाकाम कोशिश बताया है। प्रदेश प्रवक्ता धर्मपुर विधायक श्री विनोद चमोली ने कटाक्ष किया कि जो लेफ्ट पार्टियां सभी राज्यों से लेफ्ट हो गई, हरदा उनमें अपनी राजनैतिक संजीवनी ढूंढ रहे हैं। अब सभी को भाजपा सरकार के नेतृत्व में विकास की सच्चाई स्वीकारते हुए, नकारात्मक राजनीति से बचना चाहिए।
उन्होंने हरदा के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के संवाद को औचित्यहीन और वास्तविकता से मुंह फेरने वाला बताया। कहा, जो नेता और पार्टियां वहां मौजूद थी, आज वे मुद्दों और सक्रियता को लेकर पूरी तरह अप्रासंगिक हो गए हैं। स्वयं हरीश रावत को जनता कई बार नकार चुकी है, वहीं कांग्रेस पार्टी में भी उनकी अहमियत औपचारिकता से भी बहुत नीचे चली गई है। वे आए दिन अपनी पार्टी नेताओं को नई नई उपमाओं से सुशोभित करते रहते हैं। कभी उपवास, मौन व्रत, राजनैतिक कभी एकांतवास, भांति भांति के उपक्रम वह करते हैं। आज कांग्रेस पार्टी के नेता, कार्यकर्ता भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते हैं। यही वजह है कि वे देश भर से गायब हुए वामपंथियों को अपने साथ जिंदा रखने की कोशिश इंडी गठबंधन के नाम पर करते हैं।
उन्होंने निशाना साधा कि किस इंडी गठबंधन की बात कर प्रदेश की जनता में भ्रम फैलाया जाता है। क्योंकि अभी अभी ये केरलम में एक दूसरे के ख़िलाफ़ लड़े, बंगाल आसाम, तमिलनाडु, पांडुचेरी में सामने सामने लड़े। उससे पूर्व भी लगभग सभी चुनावों में एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते रहे। और आज बड़ी बेशर्मी से ये सभी उत्तराखंड में इंडी के नाम से ठगबंधन बनाकर प्रचारित करते हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकास को अनुभव कर रही है। पीएम के मार्गदर्शन में विकसित राज्य बनने की दिशा में हम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में हरीश रावत, कांग्रेस या किसी भी अन्य पार्टी की नकारात्मक राजनीति अब राज्य में स्वीकार्य नही है।बेहतर है वे जल्दी इस सच्चाई को स्वीकार लें, अन्यथा 27 में भाजपा के पक्ष में आने वाला जनादेश इसकी तस्दीक कर देगा।










