महिला अपराधों पर राहुल प्रियंका की राजनीति, दोगली, पाखंडी और शर्मनाक : भट्ट

0
23

 

*यौन शोषण के आरोपी सांसद को संरक्षण देने वाले राहुल, देवभूमि की छवि खराब कर रहे हैं: भाजपा*

*देवभूमि को अपमानित करने वाली, पाखंडी राजनीति का घड़ा 2027 में फूटना तय : भट्ट*

देहरादून 15 अक्टूबर। भाजपा ने कांग्रेस पर महिला अपराधों को लेकर दोगली और शर्मनाक राजनीति करने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि राहुल प्रियंका अपने करीबी यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर सांसद को संरक्षण दे रहे हैं वहीं दिवंगत बेटी पर शर्मनाक राजनीति कर देवभूमि को अपमानित करने का पाप कर रहे हैं। हमारी सरकार ने पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े होकर कठोरता से न्याय सुनिश्चित करवाया है और परिवार की इच्छानुसार हर संभव मदद की है।

​उन्होंने विभिन्न माध्यमों से मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देवभूमि की दिवंगत बेटी की दुखद मौत पर कांग्रेस पार्टी शर्मनाक राजनीति समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने चेताया कि बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर लगातार अफवाह फैलाने वालों को अब नकारात्मक प्रचार से दिवंगत आत्मा को अपमानित करने से बाज आना चाहिए। जो कुछ राहुल प्रियंका और उनके दिल्ली दरबारी कांग्रेसियों ने वहां किया उससे उनका राजनैतिक दोगलापन वाला पाखण्डी चेहरा फिर से उजागर हुआ है। क्योंकि अपने प्रिय सांसद जेएनयू के प्रोफ़ेसर के कुकर्मों पर पर्दा डालकर संरक्षण दे रहे हैं, जबकि आरोपी को यूनिवर्सिटी प्रशासन की आंतरिक जांच में 11 छात्राओं के यौन शोषण में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त भी किया गया है। लेकिन कांग्रेस उनपर कोई कार्रवाई नहीं करती है और न ही किसी तरह की आलोचना करती है। ऐसे एक नहीं अनेकों महिला शोषण के आरोपियों को भी कांग्रेस नेतृत्व द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने इस दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर राजनैतिक मकसद से अफवाह और झूठ फैलाने वालों को सच से सामना करने की चुनौती दी है। क्योंकि घटना संज्ञान में आने के बाद 24 घंटे के भीतर हुई कार्रवाई और तत्काल कड़ी कार्रवाई हुई। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, जिसमें 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट और 100 से ज्यादा गवाह जुटाये गए। इसी मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप अंकिता हत्याकांड के तीनों दोषियों को हुई आजीवन कारावास की सजा हुई।

इस पूरे संवेदनशील मामले में सरकार की मजबूत पैरवी से हर बार अपराधियों की जमानत याचिका खारिज हुई, आरोपियों के विरुद्ध की गयी गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि जांच से लेकर कानूनी पैरवी तक प्रत्येक अवसर पर पीड़ित की परिवार की ईच्छा को प्राथमिकता दी गई। परिवार की मांग पर ही तीन बार बदले सरकारी वकील बदले गए और अंकिता के माता-पिता की मांग पर दिए गए CBI जांच के आदेश दिए गए। हालांकि जो दुख तकलीफ बेटी के असमय जाने पीड़ित परिवार को होती है, उसे कोई दूर नहीं कर सकता है। इससे अलग सरकार द्वारा हर संभव मदद पहुंचाई गई । उन्हें ₹25 लाख की आर्थिक सहायता के साथ दिवंगत अंकिता के पिता और भाई को नौकरी दी गई। इसी तरह जांच प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच न्यायिक स्तर पर भी जांच को संतोषजनक माना गया। वहीं पहले दिन से मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और हुआ भी ठीक वैसा ।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले दिन से घृणित राजनीति कर रही है, उनका एकमात्र मकसद है भाजपा के बड़े नेताओं को टारगेट करना। लगतार उनके नेताओं द्वारा बार बार अलग अलग नाम चलाकर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की गई, जिसे जनता ने हर बार नकारा है। इस पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान जांच टीम और सरकार ने अपील की कि किसी के पास कोई सबूत है तो वे सामने लाए। लेकिन एक भी साक्ष्य लेकर कांग्रेसी सामने नहीं आया, लेकिन उनके झूठ एवं भ्रम ने हमेशा दिवंगत आत्मा को अपमानित किया है। प्रदेश की जनता ने इससे नाराज होकर प्रदेश कांग्रेस नेताओं को बुरी तरह नकारा है। न उनके आंदोलनों में जनता ने सहभागिता की और न ही चुनावों में इस मुद्दे पर समर्घन दिया।

उन्होंने चेताया कि अब फिर इस बार देवभूमि की छवि खराब करने का पाप राहुल प्रियंका और उनके दिल्ली दरबारी कर रहे हैं । जिसके लिए प्रदेश की देवतुल्य जनता उन्हें कभी माफ नहीं करने वाली है और जिस राजनीति के लिए कांग्रेस यह अपने पाप का घड़ा भर रही है, वो 27 में पूरी तरह फट जाएगा।

 

LEAVE A REPLY